सतर्कता विभाग
पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा एवं निवारक सतर्कता
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हमारे बारे में
यंत्र इंडिया लिमिटेड में सतर्कता विभाग का नेतृत्व मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) करते हैं, जो केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), नई दिल्ली द्वारा प्रतिनियुक्त होते हैं।
कॉर्पोरेट सतर्कता विज़न
- दंडात्मक कार्रवाइयों की तुलना में निवारक उपाय
- निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सार्थक, व्यावहारिक और उद्देश्यपूर्ण प्रणालियों / प्रक्रियाओं को लागू करना:
- सभी लेन-देन में विश्वास और पारदर्शिता का विकास करना
- राजस्व के नुकसान (लीकेज) को रोकना
- संगठन के गौरव और आत्मसम्मान को बढ़ावा देना
- गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में समयबद्ध कार्रवाई
यंत्र इंडिया लिमिटेड का सतर्कता ढांचा
डॉ. साजिद फरीद शापू, आईपीएस
मुख्य सतर्कता अधिकारी
श्री डी. के. टी. गुप्ता, आईओएफएस
उप मुख्य सतर्कता अधिकारी
कारखानों/इकाइयों में इकाई सतर्कता अधिकारी
| क्र. सं. | कारखाना / इकाई | अधिकारी का नाम एवं पदनाम |
|---|---|---|
| 1 | आयुध निर्माणी अंबाझरी | श्री एल. एस. मथनकर, एडब्ल्यूएम |
| 2 | आयुध निर्माणी अंबरनाथ | श्री के. पूर्णचंद्र राव, जेडब्ल्यूएम(एसजी) |
| 3 | आयुध निर्माणी मुरादनगर | श्री बी. एस. राणा, जेडब्ल्यूएम(एसजी) |
| 4 | आयुध निर्माणी कटनी | श्री एस. के. दास, डब्ल्यूएम |
| 5 | आयुध निर्माणी भुसावल | श्री संदेश देशमुख, जेडब्ल्यूएम |
| 6 | आयुध निर्माणी दमदम | श्री सुशांत कुमार मोंडल, जेडब्ल्यूएम(एसजी) |
| 7 | आयुध निर्माणी जबलपुर | श्री चंद्र प्रकाश पांडे, जेडब्ल्यूएम(एसजी) |
| 8 | धातु एवं इस्पात कारखाना ईशापुर | श्री मनोज कुमार बिस्वास, जेडब्ल्यूएम(एसजी) |
शिकायत नीति एवं प्रक्रिया
- यंत्र इंडिया लिमिटेड का सतर्कता विभाग अनाम/छद्मनाम (Anonymous/Pseudonymous) शिकायतों पर विचार नहीं करता है।
- शिकायत दर्ज करते समय वास्तविक नाम, पता और संपर्क फोन नंबर प्रदान करना अनिवार्य है। अन्यथा, कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- शिकायतों में सतर्कता का पहलू (Vigilance Angle) होना अनिवार्य है।
- शिकायतें संक्षिप्त, विशिष्ट और तथ्यात्मक विवरणों / सत्यापन योग्य तथ्यों से युक्त होनी चाहिए। यदि संभव हो, तो शिकायत के साथ दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
- वाईआईएल (YIL) के कामकाज में भ्रष्टाचार, निष्पक्षता/पारदर्शिता या सत्यनिष्ठा की कमी से संबंधित सभी शिकायतें (जिनमें सतर्कता पहलू शामिल हो) लिखित रूप में निम्नलिखित पते पर भेजी जानी चाहिए:
- मुख्य सतर्कता अधिकारी, यंत्र इंडिया लिमिटेड, नागपुर-440021
- ईमेल आईडी: cvo.yil[at]yantraindia[dot]co[dot]in
- शिकायतें इस वाईआईएल सतर्कता पोर्टल पर सतर्कता शिकायत प्रपत्र (Vigilance Complaint Form) के माध्यम से ऑनलाइन भी दर्ज की जा सकती हैं।
- शिकायतों को एक विधिवत आवंटित डायरी/संदर्भ संख्या के साथ पावती दी जाएगी। शिकायत के आधार और मेरिट के अनुसार शिकायत नीति के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शिकायत की स्थिति इस पोर्टल पर "शिकायत स्थिति" (Complaint Status) विकल्प के माध्यम से देखी जा सकती है।
- उसी विषय पर आगे किसी भी नई शिकायत या पत्राचार पर विचार नहीं किया जाएगा, जब तक कि शिकायतकर्ता कोई नए तथ्य या साक्ष्य प्रस्तुत न करे।
- शिकायतों की जांच पूरी करने की समय-सीमा केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी।
- यदि यह पाया जाता है कि शिकायतें झूठी थीं और लोक सेवकों को परेशान करने के इरादे से दर्ज की गई थीं, तो ऐसे शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
व्हिसलब्लोअर शिकायतें
यदि कोई शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार के किसी मामले का पर्दाफाश करते समय अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है, तो उसे 'जनहित प्रकटीकरण एवं मुखबिर संरक्षण संकल्प' (PIDPI) — जिसे आमतौर पर व्हिसलब्लोअर प्रावधान के रूप में जाना जाता है — के तहत शिकायत दर्ज करनी चाहिए। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को न केवल शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का अधिकार है, बल्कि वह शिकायतकर्ता को किसी भी शारीरिक खतरे, उत्पीड़न या प्रताड़ना से सुरक्षा भी प्रदान करता है।
"व्हिसलब्लोअर" संकल्प की मुख्य विशेषताएं
- नामित एजेंसी के रूप में सीवीसी (इसके बाद 'आयोग' कहा जाएगा), केंद्र सरकार या किसी केंद्रीय अधिनियम के तहत स्थापित निगम, सरकारी कंपनियों, समाजों या केंद्र सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण वाले स्थानीय प्राधिकरणों के किसी भी कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग के किसी भी आरोप पर लिखित शिकायतें या प्रकटीकरण प्राप्त करेगा।
- आयोग शिकायतकर्ता की पहचान सत्यापित करेगा; यदि शिकायत अनाम/गुमनाम पाई जाती है, तो इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- शिकायतकर्ता की पहचान तब तक उजागर नहीं की जाएगी, जब तक कि उसने स्वयं शिकायत का विवरण सार्वजनिक न किया हो या किसी अन्य कार्यालय अथवा प्राधिकरण के समक्ष अपनी पहचान प्रकट न की हो।
- आगे की रिपोर्ट या जांच मंगाते समय, आयोग मुखबिर की पहचान का खुलासा नहीं करेगा और संबंधित संगठन के प्रमुख से भी यह अनुरोध करेगा कि यदि किसी कारणवश पहचान सामने आ जाए, तो भी उसे गुप्त रखा जाए।
- प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच पूरी करने के लिए आवश्यकतानुसार सीबीआई या पुलिस अधिकारियों से सहायता लेने हेतु आयोग अधिकृत होगा।
- यदि कोई व्यक्ति इस आधार पर किसी कार्रवाई से व्यथित है कि शिकायत या प्रकटीकरण दर्ज करने के कारण उसे प्रताड़ित किया जा रहा है, तो वह निवारण हेतु आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर आयोग संबंधित व्यक्ति या प्राधिकरण को उपयुक्त निर्देश दे सकता है।
- यदि आयोग का यह मानना है कि शिकायतकर्ता या गवाहों को सुरक्षा की आवश्यकता है, तो वह संबंधित सरकारी अधिकारियों को इस संबंध में उचित निर्देश जारी करेगा।
- यदि आयोग को शिकायत दुर्भावनापूर्ण या परेशान करने के उद्देश्य से की गई लगती है, तो वह उचित कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगा।
- आयोग ऐसे किसी भी प्रकटीकरण पर विचार या जांच नहीं करेगा जिसके संबंध में लोक सेवक जांच अधिनियम, 1850 के तहत औपचारिक एवं सार्वजनिक जांच का आदेश दिया गया हो या कोई ऐसा मामला जिसे जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत जांच के लिए भेजा गया हो।
- आयोग के विपरीत निर्देशों के बावजूद यदि मुखबिर की पहचान उजागर की जाती है, तो आयोग ऐसा खुलासा करने वाले व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ मौजूदा नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए अधिकृत है।
"व्हिसलब्लोअर" शिकायत कैसे दर्ज करें?
- शिकायत एक बंद/सुरक्षित लिफाफे में होनी चाहिए।
- लिफाफा 'सचिव, केंद्रीय सतर्कता आयोग' को संबोधित होना चाहिए और उस पर "जनहित प्रकटीकरण के तहत शिकायत" (Complaint under The Public Interest Disclosure) स्पष्ट रूप से लिखा (superscribed) होना चाहिए। यदि लिफाफे पर यह अंकित नहीं है और वह बंद नहीं है, तो आयोग के लिए उक्त संकल्प के तहत शिकायतकर्ता को संरक्षण प्रदान करना संभव नहीं होगा और शिकायत पर आयोग की सामान्य शिकायत नीति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता को अपना नाम और पता शिकायत के प्रारंभ में, अंत में अथवा संलग्न पत्र में देना चाहिए।
- आयोग अनाम/छद्मनाम (Anonymous/Pseudonymous) शिकायतों पर विचार नहीं करेगा।
- शिकायत का विवरण सावधानीपूर्वक तैयार किया जाना चाहिए ताकि उसमें अपनी पहचान का कोई विवरण या सुराग न छूटे। हालांकि, शिकायत के बिंदु विशिष्ट और सत्यापन योग्य होने चाहिए।
- पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग कोई पावती जारी नहीं करेगा तथा व्हिसलब्लोअर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने हित में आयोग के साथ आगे का पत्राचार न करें। आयोग आश्वासन देता है कि मामले के तथ्य सत्यापन योग्य होने पर, भारत सरकार के उक्त संकल्प के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी, तो आयोग स्वयं शिकायतकर्ता से संपर्क करेगा।
इस संकल्प के तहत दुर्भावनापूर्ण/झूठी शिकायतें दर्ज करने वाले शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी आयोग कार्रवाई कर सकता है। विस्तृत अधिसूचना की एक प्रति आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.cvc.nic.in पर उपलब्ध है।
नोट: इस संबंध में आयोग का अधिकार क्षेत्र केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों अथवा किसी केंद्रीय अधिनियम द्वारा/के तहत स्थापित निगमों, सरकारी कंपनियों, सोसायटियों या केंद्र सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण वाले स्थानीय प्राधिकरणों तक सीमित रहेगा। राज्य सरकारों के अधीन कार्यरत कर्मचारी और राज्य सरकारों या उनके निगमों आदि की गतिविधियाँ आयोग के दायरे में नहीं आएंगी।
सत्यनिष्ठा समझौता (INTEGRITY PACT)
यह समझौता अनिवार्य रूप से संभावित विक्रेताओं/बोलीदाताओं और खरीदार के बीच एक अनुबंध की परिकल्पना करता है, जो दोनों पक्षों के व्यक्तियों/अधिकारियों को अनुबंध के किसी भी चरण/पहलू में किसी भी प्रकार के भ्रष्ट आचरण का सहारा न लेने के लिए प्रतिबद्ध करता है। केवल वे विक्रेता/बोलीदाता, जो खरीदार के साथ इस तरह के समझौते के प्रति खुद को प्रतिबद्ध करते हैं, निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए योग्य माने जाएंगे। दूसरे शब्दों में, इस समझौते पर हस्ताक्षर करना एक प्रारंभिक योग्यता शर्त होगी।
यंत्र इंडिया लिमिटेड व्यावसायिक गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता के मानक स्थापित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। इसके लिए, उन अनुबंधों से संबंधित प्रबंधन और ठेकेदारों के बीच विवाद निवारण तंत्र—जहाँ सत्यनिष्ठा समझौता लागू होता है—ने उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं, जिससे कई विवादों को बिना किसी बड़े खर्च के सौहार्दपूर्ण और त्वरित ढंग से सुलझाया जा सका है। इसके लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों तथा व्यय विभाग के कार्यालय ज्ञापन (OM) दिनांक 19/07/2011 के तहत सभी मंत्रालयों/विभागों/संगठनों, जिनमें उनके संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालय और स्वायत्त निकाय शामिल हैं, को सत्यनिष्ठा समझौते को लागू करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके अंतर्गत संबंधित संगठनों द्वारा किए जाने वाले कार्यों, वस्तुओं और सेवाओं की खरीद शामिल होगी।
सत्यनिष्ठा समझौते को संगठन द्वारा नियुक्त स्वतंत्र बाह्य मॉनिटरों (IEMs) के एक पैनल के माध्यम से लागू किया जाता है। आईईएम निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ रूप से समीक्षा करते हैं कि दोनों पक्षों ने समझौते के तहत अपने दायित्वों का किस हद तक पालन किया है। वर्तमान में, यह समझौता ₹5 करोड़ से अधिक मूल्य के सभी निविदाओं/अनुबंधों/दीर्घकालिक करारों का अभिन्न अंग है।
यंत्र इंडिया लिमिटेड में निम्नलिखित स्वतंत्र बाह्य मॉनिटर (IEMs) नियुक्त किए गए हैं:
- श्री रजनीश कुमार वैश्य, आईएएस (सेवानिवृत्त)
- श्री दीपक चतुर्वेदी, आईटीएस (सेवानिवृत्त)
विक्रेता/बोलीदाता केवल सत्यनिष्ठा समझौते से संबंधित मुद्दों पर ही आईईएम से संपर्क कर सकते हैं। समझौते के अलावा अन्य किसी भी मामले के लिए निविदा में उल्लिखित संपर्क अधिकारी से संपर्क किया जाना चाहिए।
यदि बोलीदाता व्यथित हैं, तो वे वाईआईएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) या आईईएम से संपर्क कर सकते हैं।
स्वतंत्र बाह्य मॉनिटर (IEM) का संपर्क विवरण
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने सत्यनिष्ठा समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए निम्नलिखित स्वतंत्र बाह्य मॉनिटरों (IEMs) को नियुक्त किया है:
श्री रजनीश कुमार वैश्य, आईएएस (सेवानिवृत्त)
ईमेल: rajnishakumar[at]gmail[dot]com
पता: प्लॉट नं. 10, ग्रीनवुड्स गवर्नमेंट ऑफिसर्स वेलफेयर सोसाइटी, फेज़ II, सेक्टर ओमेगा-2, पॉकेट P2, ग्रेटर नोएडा, जिला गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश – 201310
श्री दीपक चतुर्वेदी, आईटीएस (सेवानिवृत्त)
ईमेल: chaturvedideep[at]rediffmail[dot]com
पता: फ्लैट नं. 1, संचार विहार, C-58/4, सेक्टर 62, नोएडा, उत्तर प्रदेश – 201309
संपर्क सूत्र (CONTACT US)
मुख्य सतर्कता अधिकारी
यंत्र इंडिया लिमिटेड
मार्फत आयुध निर्माणी अंबाझरी, नागपुर – 440021
ईमेल: cvo.yil[at]yantraindia[dot]co[dot]in
शिकायत सेवाएँ
नागरिक एवं हितधारक सतर्कता विभाग के पास नई शिकायत दर्ज करा सकते हैं अथवा अपनी दर्ज शिकायत की स्थिति जाँच सकते हैं।
सतर्कता बुलेटिन
- कोई सक्रिय बुलेटिन उपलब्ध नहीं है
-
यंत्र इंडिया सतर्कता बुलेटिन अंक 01 PDF 10.5 MB अभिलेखागार प्रति
डॉ. साजिद फ़रीद शापू
मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) - अतिरिक्त प्रभार
यंत्र इंडिया लिमिटेड